
“देवस्थान बना मौत का मंजर! सौतेली मां ने मासूम को सजाया… फिर कुल्हाड़ी से उतार दिया मौत के घाट”
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से दिल को दहला देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की नींव और इंसानियत दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक नवविवाहित सौतेली मां पर आरोप है कि उसने अपनी ही तीन साल की मासूम बच्ची को पहले दुल्हन की तरह सजाया और फिर घर के देवस्थान पर ले जाकर कुल्हाड़ी से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इस वारदात ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।

यह सनसनीखेज मामला गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के ग्राम इमलिया उर्फ विजहरा का है, जहां सोमवार देर रात यह खौफनाक घटना हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस हत्या के पीछे की असली वजह तलाशने में जुटी है।
दूसरी शादी के एक महीने बाद ही उजड़ गया घर
जानकारी के मुताबिक, बच्ची के पिता त्रिवेणी मौर्य की पहली पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था। पहली पत्नी से उनकी तीन साल की बेटी अदिति थी, जिसकी देखभाल को लेकर परिवार चिंतित था। इसी वजह से त्रिवेणी ने 25 जनवरी 2026 को सहजनवां क्षेत्र की एक महिला से दूसरी शादी की थी।
परिवार और गांव वालों को उम्मीद थी कि नई मां के आने से घर में फिर से खुशियां लौटेंगी और मासूम को मां का प्यार मिलेगा। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह शादी इतनी जल्दी एक भयावह त्रासदी में बदल जाएगी।
आधी रात को बच्ची को बनाया निशाना
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार देर रात करीब 12 बजे आरोपी महिला बच्ची को अपने साथ अंदर कमरे में ले गई। बताया जा रहा है कि उसने पहले बच्ची को तेल लगाया, फिर उसके माथे पर सिंदूर जैसा टीका लगाया और उसे सजाया-संवारा।
इसके बाद वह मासूम को घर के अंदर बने देवस्थान पर ले गई। यहीं पर उसने कुल्हाड़ी से बच्ची पर हमला कर दिया और उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। घटना इतनी वीभत्स थी कि जिसने भी सुना, सिहर उठा।
कुछ ग्रामीण इस घटना को कथित ‘बलि’ से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और हर पहलू की जांच की जा रही है।
हलचल से खुला खौफनाक राज
घटना के वक्त बच्ची का पिता त्रिवेणी मौर्य घर के बाहर सो रहा था। देर रात घर के अंदर से असामान्य आवाजें और हलचल सुनकर उसे शक हुआ। उसने पहले फोन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
शक गहराने पर जब वह अंदर पहुंचा, तो सामने का दृश्य देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसकी तीन साल की मासूम बेटी खून से लथपथ पड़ी थी। यह देखकर वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा और आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे।
भागने की फिराक में थी आरोपी
पिता के शोर मचाते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच आरोपी महिला वहां से भागने की कोशिश करने लगी, लेकिन ग्रामीणों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। लोगों में गुस्सा इतना ज्यादा था कि मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पिपराइच थाना पुलिस और क्षेत्राधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव में पसरा सन्नाटा, हर आंख नम
मासूम अदिति की दर्दनाक मौत के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। गांव वालों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि मां का रिश्ता निभाने आई महिला इतनी निर्दयी हो सकती है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन इस सदमे से उबरना आसान नहीं दिख रहा।
पुलिस कई एंगल से कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी महिला से लगातार पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि हत्या के पीछे असली वजह क्या थी। शुरुआती तौर पर अंधविश्वास, मानसिक स्थिति और पारिवारिक तनाव—तीनों पहलुओं पर जांच चल रही है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
कई सवाल छोड़ गई यह वारदात
यह दिल दहला देने वाली घटना अपने पीछे कई गंभीर सवाल छोड़ गई है—
क्या यह अंधविश्वास का मामला है?
क्या आरोपी महिला मानसिक रूप से अस्थिर थी?
या फिर इसके पीछे कोई गहरी पारिवारिक कलह थी?
इन सभी बिंदुओं पर पुलिस गहराई से जांच कर रही है।
मासूमियत पर सबसे क्रूर वार
तीन साल की बच्ची, जिसे अभी दुनिया ठीक से देखनी भी शुरू नहीं हुई थी, उसे इतनी निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया गया। जिस उम्र में बच्चे मां की गोद में सुरक्षित महसूस करते हैं, उसी उम्र में अदिति को अपनों के हाथों जान गंवानी पड़ी।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज को झकझोर देने वाली चेतावनी भी है। अंधविश्वास, मानसिक असंतुलन या घरेलू तनाव—कारण चाहे जो भी निकले, लेकिन एक मासूम की जिंदगी हमेशा के लिए बुझ गई।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। गांव की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई और अदालत के फैसले पर टिकी हैं, ताकि इस मासूम को इंसाफ मिल सके और ऐसी दरिंदगी दोबारा कहीं न दोहराई जाए।



