
देर रात युवक से लूट, गला दबाकर किया बेहोश; तीन नाबालिग आरोपी पकड़े गए
शहर में देर रात एक सनसनीखेज लूट की घटना सामने आई है। शीतला माता रोड पर तीन बदमाशों ने एक कंपनी कर्मचारी को निशाना बनाकर उसे बेहोश कर दिया और उसका मोबाइल फोन, नकदी तथा जरूरी दस्तावेज लूटकर फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन नाबालिग आरोपियों को काबू कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया आईफोन, कुछ नकदी और पीड़ित के दस्तावेज भी बरामद कर लिए हैं।

पुलिस के अनुसार यह घटना देर रात करीब दो बजे की है। पीड़ित युवक की पहचान संतोष सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले हैं। फिलहाल वह शहर के राजीव नगर इलाके में रहकर एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।
संतोष सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 12 मार्च की रात वह अपनी कंपनी की कैब से ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे। कैब ने उन्हें शीतला माता रोड के पास उतारा। कैब से उतरने के बाद संतोष कुछ देर के लिए वहां स्थित एक पीजी के पास खड़े होकर अपने दोस्तों से फोन पर बात करने लगे।
फोन पर बातचीत खत्म करने के बाद जब वह पैदल अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में एक दुकान के सामने तीन युवक उनके पास आकर खड़े हो गए। शुरुआत में युवकों ने सामान्य बातचीत करने के बहाने संतोष को रोका।
संतोष को लगा कि शायद वे किसी जानकारी के लिए पूछताछ कर रहे हैं, लेकिन अचानक स्थिति बदल गई। संतोष के मुताबिक, बातचीत के दौरान ही एक युवक उनके पीछे आ गया और उसने अचानक उनका गला जोर से दबा दिया।
गला दबाने के कारण संतोष कुछ ही सेकंड में कमजोर पड़ गए और खुद को संभाल नहीं सके। इसी बीच बाकी दो बदमाशों ने मौका देखकर उनकी जेब से मोबाइल फोन और पर्स निकाल लिया।
पीड़ित के अनुसार बदमाशों ने उनके पास से आईफोन-14, पर्स और उसमें रखे जरूरी दस्तावेज लूट लिए। पर्स में उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और करीब 550 रुपये नकद भी थे।
गला दबाए जाने के कारण संतोष वहीं सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़े। जब तक उन्हें होश आया, तब तक तीनों बदमाश वहां से फरार हो चुके थे।
होश में आने के बाद संतोष को अपने गले में तेज दर्द महसूस हुआ। वह किसी तरह घर पहुंचे और सबसे पहले अपना इलाज करवाया। घटना के बाद उन्होंने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
इसके बाद संतोष ने सेक्टर-14 थाना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और लिखित शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसके अलावा इलाके में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों से भी जानकारी जुटाई गई।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध युवकों को काबू कर लिया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि तीनों आरोपी नाबालिग हैं।
पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली तो उनके कब्जे से पीड़ित का आईफोन-14, 400 रुपये नकद, आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप ने बताया कि संतोष सिंह की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वे पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि तीनों आरोपी नाबालिग होने के कारण उनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और उन्हें बाल सुधार गृह भेजा जा सकता है।
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भी चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि देर रात इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
लोगों ने पुलिस से मांग की है कि रात के समय गश्त बढ़ाई जाए और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों से पूछताछ के जरिए घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगालने की कोशिश कर रही है।

