
दिल्ली में रोडरेज: थार चालक ने वकील पर डंडों से हमला, गंभीर रूप से घायल
दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में 25 जनवरी की रात एक सड़क पर हुई हिंसक घटना ने सभी को चौंका दिया। दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत करने वाले एक वकील और उनके साथी पर कथित तौर पर एक काले रंग की थार के चालक और उसके साथियों ने डंडों से हमला कर दिया। इस वारदात में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं और पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

पीड़ित वकील, 29 वर्षीय, जो नोएडा एक्सटेंशन के रहने वाले हैं, ने पुलिस को बताया कि वह रात को अपने मुवक्किल से मिलने मुखर्जी नगर की ओर जा रहे थे। तभी एक संकरी गली में उनकी कार के सामने अचानक हरियाणा पंजीकरण वाली काली थार आकर खड़ी हो गई। वकील ने बताया कि चालक ने उनकी कार का रास्ता पूरी तरह से रोक लिया और लगभग पांच मिनट तक उन्हें गली से बाहर निकलने नहीं दिया।
वकील ने कहा, “मैंने शांतिपूर्वक अपनी कार से आगे निकलने की कोशिश की, लेकिन थार चालक ने लगातार गालियां दी और मेरी तरफ हाथ भी उठाया। जब मैंने कहा कि मैं पुलिस को बुलाऊंगा, तो उसने अपनी खिड़कियां बंद कर दी और थोड़ी दूरी पर जाकर फिर से गाली-गलौज शुरू कर दी।”
घटना तब और भयानक हो गई जब वकील के दोस्त भी घटनास्थल पर पहुँच गए। जैसे ही दोनों पुलिस को सूचित करने के लिए अपनी कार की ओर लौट रहे थे, थार चालक अपने पांच-छह साथियों के साथ लौट आया। इस बार उनके हाथ में डंडे थे। अचानक ही उन्होंने वकील और उनके दोस्त पर हमला कर दिया। हमले के दौरान दोनों को सिर पर गंभीर चोटें आईं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पीसीआर टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान वकील और उनके दोस्त सदमे में थे और बयान देने की स्थिति में नहीं थे।
मुखर्जी नगर पुलिस ने 26 जनवरी को वकील का बयान दर्ज किया। इसके आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 3(5) (साझा मकसद) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर इस तरह की हिंसक वारदातें बढ़ती जा रही हैं। कई बार छोटी-सी बात पर लोग गुस्से में आकर गंभीर परिणाम भुगतते हैं। वकील ने पुलिस और मीडिया से अपील की कि ऐसे मामलों में संयम और शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है।
इस घटना ने सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग शिष्टाचार पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि सड़क पर इस तरह की हिंसा रोकने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि लोगों की जिम्मेदारी और मानसिकता में बदलाव भी जरूरी है।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि दोनों घायलों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें कुछ दिनों तक अस्पताल में रहकर इलाज की जरूरत है। पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़क पर गुस्से और हिंसा किस हद तक बढ़ सकती है। सड़क पर संयम, धैर्य और कानून का पालन ही इन घटनाओं को रोकने का एकमात्र तरीका है।



