
दिल्ली में मौसम का कहर: घना कोहरा, कड़ाके की ठंड और जहरीली हवा ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में शनिवार की सुबह लोगों के लिए मुश्किलों भरी रही। कड़ाके की ठंड के बीच घना कोहरा छा गया, जिससे कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई। वहीं दूसरी ओर, वायु प्रदूषण का स्तर भी लगातार ऊंचा बना हुआ है और राजधानी की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है। मौसम और प्रदूषण के इस तिहरे असर से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

सुबह होते ही दिल्ली के ज्यादातर हिस्से कोहरे की मोटी परत में लिपटे नजर आए। कई स्थानों पर दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई, जिसके कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर बेहद सतर्कता के साथ गाड़ी चलानी पड़ी। कम दृश्यता के चलते कई इलाकों में यातायात जाम की स्थिति बनी रही।
कोहरे का असर हवाई और रेल यातायात पर भी साफ दिखा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में देरी हुई, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। रेल सेवाओं पर भी कोहरे का असर देखा गया और कुछ ट्रेनों के परिचालन में देरी दर्ज की गई।
इसी बीच, प्रदूषण ने राजधानी की सांसें और भारी कर दीं। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 368 रहा, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इस स्तर की हवा स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानी जाती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगियों के लिए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया। आनंद विहार में 442, चांदनी चौक में 427, विवेक विहार में 420, जहांगीरपुरी में 416 और आईटीओ में 405 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा द्वारका सेक्टर-8 में 407, सोनिया विहार में 401 और मुंडका में 397 एक्यूआई दर्ज हुआ।
अन्य इलाकों में भी हालात चिंताजनक रहे। अशोक विहार में 385, पंजाबी बाग में 394, रोहिणी में 389, वजीरपुर में 399, अलीपुर में 350, बवाना में 357, बुराड़ी में 360 और नरेला में 347 एक्यूआई दर्ज किया गया। आईजीआई एयरपोर्ट टी-3 क्षेत्र में एक्यूआई 304 और लोधी रोड पर 317 रहा, जो अब भी खराब श्रेणी में है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में हवा की रफ्तार कम होने और कोहरे के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे रहते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ता है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह के समय खुले में व्यायाम करने से बचें, मास्क का उपयोग करें और जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
कुल मिलाकर दिल्ली में ठंड, कोहरा और प्रदूषण ने मिलकर हालात मुश्किल बना दिए हैं, और मौसम साफ होने तक लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।



