
दहेज की मांग ने ली एक और जान, वकील पति गिरफ्तार
हरियाणा के गुरुग्राम से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां दहेज प्रताड़ना से तंग आकर एक महिला ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला को लंबे समय से दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान 31 वर्षीय दिनेश के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कन्हई गांव का निवासी है और वर्तमान में गुरुग्राम के सेक्टर-79 स्थित सिग्नेचर ग्लोबल ग्रीन सोसायटी में रह रहा था। आरोपी पेशे से वकील है और पिछले करीब तीन वर्षों से गुड़गांव कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा था।
घटना की जानकारी पुलिस को तब मिली, जब खेड़कीदौला थाना क्षेत्र में एक महिला के संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां उन्होंने महिला को उसके फ्लैट में फंदे से लटका हुआ पाया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मामले में 16 मार्च को केस दर्ज किया गया था। मृतका के परिजनों—विशेष रूप से उसके पिता और भाई—ने पुलिस को शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि वर्ष 2022 में शादी के बाद से ही महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
परिजनों के अनुसार, आरोपी पति और उसके परिवार के सदस्य लगातार महिला पर पैसों की मांग को लेकर दबाव बना रहे थे। बताया गया कि करीब 50 लाख रुपये की मांग की जा रही थी, जिसे पूरा न करने पर महिला के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था।
शिकायत में यह भी बताया गया कि महिला को कई बार घर से निकाल दिया गया था और उसके साथ गंभीर रूप से मारपीट की घटनाएं भी हुई थीं। इन लगातार हो रहे अत्याचारों के कारण महिला मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी।
घटना वाली रात, यानी 15 मार्च को, महिला अपने फ्लैट में अकेली थी। उसी दौरान उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब इस घटना की जानकारी मिली, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने परिजनों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए खेड़कीदौला थाने के अंतर्गत आने वाली बार गुर्जर चौकी पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम जानकारी सामने आई हैं। हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला को किस हद तक प्रताड़ित किया गया और इसमें और कौन-कौन शामिल था।
आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा की भयावह सच्चाई को उजागर करती है। आज भी कई महिलाएं शादी के बाद दहेज के नाम पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का शिकार होती हैं। कई मामलों में यह प्रताड़ना इतनी बढ़ जाती है कि महिलाएं आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने पर मजबूर हो जाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए न केवल सख्त कानूनों की जरूरत है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाना भी बेहद जरूरी है। परिवारों को भी चाहिए कि वे ऐसे मामलों में चुप न रहें और समय रहते आवाज उठाएं।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस जांच जारी है और यह देखा जा रहा है कि क्या आरोपी के अलावा अन्य ससुराल पक्ष के लोगों की भी इसमें भूमिका थी। मृतका के परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।
यह घटना एक दर्दनाक याद दिलाती है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी हमारे समाज में जड़ें जमाए हुए है और इसे खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।

