उत्तर प्रदेश

दर्शन से लौटते परिवार की कार हादसे का शिकार, 5 की दर्दनाक मौत

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने एक ही परिवार की खुशियों को पलभर में खत्म कर दिया। कैला देवी के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

यह हादसा गुरुवार देर रात करीब 11 बजे चित्राहट थाना क्षेत्र के पई गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि इटावा जिले के रहने वाले एक ही परिवार के आठ लोग बुधवार को बोलेरो कार से राजस्थान स्थित कैला देवी मंदिर में दर्शन करने गए थे। पूजा-अर्चना के बाद जब वे सभी वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह भयावह हादसा हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोलेरो कार काफी तेज रफ्तार में थी। अचानक चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और कार सीधे सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दूर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। आसपास के गांवों में रहने वाले लोग शोर सुनकर मौके की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और अंदर लोग बुरी तरह फंसे हुए थे।

ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया। कार के दरवाजे टक्कर के कारण जाम हो चुके थे, ऐसे में लोगों ने शीशे तोड़कर अंदर फंसे घायलों को बाहर निकालने की कोशिश की। इसी बीच पुलिस को भी सूचना दे दी गई। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों के साथ मिलकर घायलों को बाहर निकालकर तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में 35 वर्षीय देवेंद्र, उनकी 30 वर्षीय पत्नी सीमा देवी, उनकी तीन साल की मासूम बेटी आराध्या, 70 वर्षीय पिता कांता प्रसाद और वाहन चला रहे 20 वर्षीय ऋषि शामिल हैं। एक ही परिवार के इतने सदस्यों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

वहीं, हादसे में घायल हुए अन्य चार लोगों—देवेंद्र का बेटा आदित्य, रिश्तेदार ऋषभ, उसकी पत्नी रश्मि और अवनीश—को प्राथमिक उपचार के बाद सैफई मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि हादसा इतना भयानक था कि कार के आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था। टक्कर के बाद अंदर बैठे लोगों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया था। अगर स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए न पहुंचते, तो घायलों की हालत और भी बिगड़ सकती थी।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की वजह चालक को आई झपकी हो सकती है। लंबा सफर तय करने के दौरान अक्सर ड्राइवर थकान का शिकार हो जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसे हो जाते हैं। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। जैसे ही हादसे की सूचना इटावा पहुंची, परिवार और रिश्तेदारों में मातम छा गया। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि जो लोग कुछ घंटों पहले तक मंदिर में पूजा कर रहे थे, वे अब इस दुनिया में नहीं रहे।

स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लंबे सफर के दौरान सावधानी और सतर्कता कितनी जरूरी है।

यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरी सीख है। थोड़ी सी लापरवाही या थकान कभी-कभी इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाती है, जिसका दर्द जिंदगी भर खत्म नहीं होता।

कैला देवी के दर्शन कर लौट रहा यह परिवार खुशियों और आस्था से भरा हुआ था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इस हादसे ने न सिर्फ पांच जिंदगियां छीन लीं, बल्कि कई सपनों और उम्मीदों को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button