
तरनतारन में रहस्यमयी हालात में भाई-बहन की मौत: मोमोज और चाप खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान दोनों मासूमों ने तोड़ा दम
पंजाब के तरनतारन शहर से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां संदिग्ध परिस्थितियों में सगे भाई-बहन की मौत हो गई। दोनों बच्चों की उम्र महज छह और नौ साल थी। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चों ने शनिवार शाम को मोमोज और चाप खाए थे, जिसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान दोनों बच्चों की मौत हो गई।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और बच्चों की मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू पर जांच की जा रही है।
परिवार की खुशियां एक ही झटके में उजड़ गईं
जानकारी के अनुसार यह घटना तरनतारन शहर की डीएसपी वाली गली की है। यहां रहने वाले विशाल और उनकी पत्नी नेहा अपने दो बच्चों के साथ रहते थे। परिवार में केवल यही दो बच्चे थे—छह साल का बेटा आरव और नौ साल की बेटी दानिका।
दोनों बच्चे परिवार की खुशियों का केंद्र थे। माता-पिता का पूरा जीवन इन्हीं बच्चों के इर्द-गिर्द घूमता था। लेकिन शनिवार रात अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
दिनभर बिल्कुल स्वस्थ थे बच्चे
परिजनों के अनुसार शनिवार को दिनभर घर का माहौल बिल्कुल सामान्य था। दोनों बच्चे खेलते-कूदते रहे और पूरी तरह स्वस्थ नजर आ रहे थे।
शाम के समय बच्चों ने अपने पिता से बाहर का खाना खाने की जिद की। बच्चों की जिद को देखते हुए उनके पिता पास की एक रेहड़ी से मोमोज और चाप लेकर आए।
रात में घर पर खाया खाना
बताया जा रहा है कि रात करीब आठ बजे दोनों बच्चों ने घर पर बैठकर मोमोज और चाप खाए। उस समय किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ जाएगी।
खाना खाने के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा। बच्चे भी सामान्य तरीके से घर में ही मौजूद थे।
अचानक बिगड़ गई तबीयत
रात करीब दस बजे के आसपास दोनों बच्चों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। पहले उन्हें बेचैनी महसूस हुई और फिर उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
परिजनों ने जब बच्चों की हालत बिगड़ते देखी तो वे घबरा गए। बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने किया इलाज, लेकिन नहीं बच सकी जान
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तुरंत बच्चों का इलाज शुरू किया। लेकिन उनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही थी।
डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान दोनों बच्चों की मौत हो गई। कुछ ही समय के अंतराल में दोनों भाई-बहन इस दुनिया को अलविदा कह गए।
अस्पताल में मचा कोहराम
जब डॉक्टरों ने बच्चों को मृत घोषित किया तो अस्पताल में मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
एक साथ दोनों बच्चों की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
दस दिन पहले ही मनाया गया था जन्मदिन
परिजनों ने बताया कि कुछ ही दिन पहले परिवार में खुशियों का माहौल था। करीब दस दिन पहले ही बेटे आरव का जन्मदिन मनाया गया था।
उस दिन परिवार में खुशी और उत्सव का माहौल था। लेकिन किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि इतने कम समय में परिवार पर इतना बड़ा दुख टूट पड़ेगा।
पूरे इलाके में पसरा मातम
इस घटना की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में भी शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसी और परिचित लोग बच्चों के घर पहुंचने लगे और परिवार को ढांढस बंधाने लगे।
लोगों का कहना है कि दोनों बच्चे बेहद मासूम और मिलनसार थे। वे अक्सर गली में खेलते नजर आते थे और सभी से हंसकर बात करते थे।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू से जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और डॉक्टरों की रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
पुलिस का कहना है कि बच्चों की मौत के असली कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत किसी बीमारी, फूड प्वाइजनिंग या किसी अन्य वजह से हुई है।
खाने की भी हो सकती है जांच
बताया जा रहा है कि पुलिस इस बात की भी जांच कर सकती है कि बच्चों ने जो मोमोज और चाप खाए थे, उनमें किसी प्रकार की गड़बड़ी तो नहीं थी।
जरूरत पड़ने पर उस खाने के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जा सकते हैं।
सड़क किनारे खाने को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद लोगों के मन में सड़क किनारे मिलने वाले खाने को लेकर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं।
हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बच्चों की मौत उसी खाने की वजह से हुई है। इसलिए पुलिस और डॉक्टरों की रिपोर्ट आने तक इंतजार किया जा रहा है।
माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल
सबसे ज्यादा दर्द बच्चों के माता-पिता को झेलना पड़ रहा है। जिन दो बच्चों के साथ उनका घर खुशियों से भरा रहता था, वे अब इस दुनिया में नहीं रहे।
परिवार के लोग बताते हैं कि माता-पिता इस सदमे को सहन नहीं कर पा रहे हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
पूरे शहर को लगा गहरा झटका
तरनतारन में हुई इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। दो मासूम बच्चों की अचानक हुई मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया है।
लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए भी एक बड़ा झटका होती हैं।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। डॉक्टरों की रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आखिर दोनों बच्चों की मौत किन कारणों से हुई।
परिवार और स्थानीय लोग अब जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, ताकि इस दर्दनाक घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।


