
डीजे पर विवाद बना जानलेवा, इस्माईलाबाद में युवक को दो बार थार से कुचलकर हत्या
कुरुक्षेत्र जिले के इस्माईलाबाद में एक मामूली कहासुनी ने खौफनाक रूप ले लिया, जब शादी समारोह में आए एक युवक की थार गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई। इस वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया और शादी की खुशियां पलभर में गम में बदल गईं।

जानकारी के मुताबिक, गांव खेड़ी शीश गराहं निवासी साहिल एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए इस्माईलाबाद पहुंचा था। कार्यक्रम में लेडीज संगीत का आयोजन किया गया था, जहां डीजे पर लोग नाच-गाना कर रहे थे।
इसी दौरान गुरु गोबिंद सिंह कॉलोनी निवासी दीपांशु भी डांस कर रहा था। नाचते समय किसी बात को लेकर उसकी साहिल के साथ बहस हो गई। शुरुआत में यह एक मामूली विवाद था, लेकिन धीरे-धीरे यह बहस तीखी हो गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग कर दिया और मामला शांत करा दिया। इसके बाद सभी लोग अपने-अपने काम में लग गए। लेकिन यह विवाद अंदर ही अंदर सुलगता रहा।
रात करीब एक बजे साहिल अपने कुछ साथियों के साथ चम्मू चौक पर खड़ा था। उसी समय एक काले रंग की थार गाड़ी तेज गति से वहां आई और सीधे साहिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि साहिल जमीन पर गिर गया।
गवाहों के अनुसार, टक्कर मारने के बाद भी आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने गाड़ी को फिर से साहिल के ऊपर चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत साहिल को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद शादी समारोह में मातम छा गया और हर कोई स्तब्ध रह गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने गवाहों के बयान दर्ज किए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस का कहना है कि यह मामला डीजे पर हुई कहासुनी से जुड़ा हुआ है। आरोपी की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़े किस तरह जानलेवा बन सकते हैं।
मृतक के परिवार पर इस घटना के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि एक मामूली विवाद के कारण उनका बेटा हमेशा के लिए उनसे दूर हो गया।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।
कुल मिलाकर, यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि गुस्से और आवेश में लिए गए फैसले कितने खतरनाक हो सकते हैं। जरूरत है कि लोग संयम और समझदारी से काम लें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

