
छह साल पुराने शुभम हत्याकांड में नया खुलासा, SIT ने तीसरे आरोपी को दबोचा
हरियाणा के यमुनानगर जिले से जुड़े वर्ष 2020 के चर्चित शुभम हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुरुक्षेत्र जिले के गांव दौलतपुर निवासी वीरेंद्र उर्फ वीरू के रूप में हुई है, जो पहले से गिरफ्तार दंपती का रिश्तेदार बताया जा रहा है। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और इस जघन्य हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

दरअसल, यह मामला करीब छह साल पुराना है। गांव जुब्बल निवासी 22 वर्षीय शुभम 25 अप्रैल 2020 को अचानक लापता हो गया था। शुभम के परिवार वालों ने उसकी काफी तलाश की, रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। अंततः 6 मई 2020 को रादौर थाना में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने भी अपने स्तर पर जांच-पड़ताल की, लेकिन कई महीनों की कोशिश के बावजूद शुभम का कोई पता नहीं चल सका। समय बीतने के साथ यह मामला अनट्रेस की फाइलों में दबता चला गया।
करीब पांच साल तक यह केस ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। लेकिन सितंबर 2025 में गांव जुब्बल में एक और सनसनीखेज वारदात ने पुलिस को पुराने राज कुरेदने पर मजबूर कर दिया। 12 सितंबर 2025 को गांव के ही 65 वर्षीय ओमप्रकाश की गर्दन काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस हत्या ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो शक की सुई ओमप्रकाश की पुत्रवधू ललिता पर जाकर ठहर गई। गहन पूछताछ के बाद 17 सितंबर 2025 को पुलिस ने ललिता को गिरफ्तार कर लिया।
ललिता से पूछताछ के दौरान जो खुलासे हुए, उन्होंने पुलिस को चौंका दिया। पूछताछ में सामने आया कि ललिता का वर्ष 2020 में लापता हुए युवक शुभम के साथ प्रेम संबंध था। इस रिश्ते की भनक जब परिवार को लगी तो घर में तनाव बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, इसी प्रेम प्रसंग ने शुभम की जान ले ली। ललिता ने कबूल किया कि उसने अपने पति प्रदीप और एक रिश्तेदार की मदद से शुभम की हत्या कर दी थी।
इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद पुलिस ने सालों पुराने गुमशुदगी के केस को दोबारा खोला। रादौर थाना पुलिस ने केस में हत्या और शव को ठिकाने लगाने से संबंधित धाराएं जोड़ दीं। इसके बाद SIT का गठन कर पूरे मामले की नए सिरे से जांच शुरू की गई। एक सप्ताह पहले पुलिस ने ललिता को प्रोडक्शन रिमांड पर लेकर विस्तार से पूछताछ की, जिसके आधार पर उसके पति प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि शुभम और ललिता के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। जब इस बात का पता ललिता के पति प्रदीप को चला तो उसने इसे अपनी इज्जत से जोड़ लिया। आरोप है कि प्रदीप ने अपने रिश्तेदार वीरेंद्र उर्फ वीरू के साथ मिलकर शुभम को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस साजिश में ललिता भी पूरी तरह शामिल थी।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने शुभम को बहाने से बुलाया। पहले उसके सिर पर डंडे से जोरदार वार किया गया, जिससे वह बेसुध हो गया। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को पहचान छुपाने के इरादे से नहर में फेंक दिया गया, ताकि कोई सबूत न बचे और मामला हमेशा के लिए दब जाए।
अब SIT ने इस साजिश में शामिल तीसरे आरोपी वीरेंद्र उर्फ वीरू को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र ने हत्या के दौरान प्रदीप का साथ दिया और शव को ठिकाने लगाने में अहम भूमिका निभाई। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की जा रही है।
हालांकि, पुलिस के सामने इस केस की सबसे बड़ी चुनौती शुभम के शव की बरामदगी है। चूंकि यह वारदात करीब छह साल पहले की है, ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि शव नहर के बहाव में कहीं दूर चला गया होगा। पुलिस यह भी मान रही है कि संभव है शव किसी अन्य जिले या राज्य में मिला हो और उसे लावारिस समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया हो।
SIT ने नहरों के पुराने रिकॉर्ड, लावारिस शवों से जुड़े दस्तावेज और आसपास के जिलों की रिपोर्ट खंगालनी शुरू कर दी है। इसके अलावा घटनास्थल और आरोपियों के बताए गए रास्तों की भी दोबारा जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भले ही शव की बरामदगी मुश्किल हो, लेकिन आरोपियों के बयानों, तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर केस को मजबूती से कोर्ट में रखा जाएगा।
फिलहाल, इस पूरे मामले ने इलाके में एक बार फिर सनसनी फैला दी है। एक ओर जहां छह साल पुराने प्रेम प्रसंग और हत्या का सच सामने आया है, वहीं दूसरी ओर यह मामला पुलिस के लिए भी एक बड़ी परीक्षा बन गया है। SIT का दावा है कि वह इस हत्याकांड से जुड़े हर पहलू को सामने लाएगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कोशिश करेगी।

