दिल्ली

चार्जिंग पर लगी स्कूटी में धमाका, पुराना सीलमपुर का चार मंजिला कॉम्प्लेक्स आग की चपेट में

दिल्ली के पुराना सीलमपुर इलाके में रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कपड़े की दुकान में चार्जिंग पर लगी स्कूटी अचानक धमाके के साथ आग पकड़ बैठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे चार मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के मकानों व दुकानों को तुरंत खाली कराया गया। दमकल विभाग की करीब 25 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद लगभग साढ़े चार घंटे में आग पर काबू पाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और देर रात तक कूलिंग का काम जारी रहा।

शाम चार बजे मिली सूचना

पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब चार बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि पुराना सीलमपुर स्थित एक कपड़े की दुकान में भीषण आग लग गई है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर रवाना हुईं। जब तक टीम वहां पहुंची, तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी और लपटें ऊपर की मंजिलों तक पहुंच रही थीं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लगभग चार सौ गज में बने इस चार मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के भूतल पर करीब 15 कपड़े की दुकानें थीं। इन्हीं में से एक दुकान के अंदर एक स्कूटी चार्जिंग पर लगी हुई थी। अचानक तेज धमाका हुआ और स्कूटी में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग दुकान से निकलकर आसपास की दुकानों में फैल गई।

कपड़ों ने बढ़ाई आग की तीव्रता

दुकानों में बड़ी मात्रा में कपड़े रखे होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। कपड़ा अत्यधिक ज्वलनशील होने की वजह से लपटें कुछ ही मिनटों में पूरी मंजिल पर फैल गईं। आग की गर्मी इतनी ज्यादा थी कि ऊपरी मंजिलों तक भी धुआं और लपटें पहुंच गईं, जिससे पूरा कॉम्प्लेक्स धुएं के गुबार में घिर गया।

मौके पर मौजूद दुकानदारों और कर्मचारियों ने समय रहते बाहर भागकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग घबरा गए और कुछ देर के लिए पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

लाखों का माल जलकर खाक

आग की चपेट में आने से कपड़े की कई दुकानों का सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। प्राथमिक अनुमान के मुताबिक, इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि कुछ ही मिनटों में उनकी पूरी दुकान तबाह हो गई और उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।

दमकल अधिकारियों के अनुसार, आग पर काबू पाने में सबसे बड़ी चुनौती दुकानों में भरा ज्वलनशील सामान और संकरी जगह रही। आग बार-बार भड़क रही थी, जिससे बुझाने में काफी समय लगा।

दमकल की 25 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने एक के बाद एक कुल 25 फायर टेंडर मौके पर भेजे। दमकलकर्मियों ने चारों तरफ से पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने की कोशिश की। करीब साढ़े चार घंटे की लगातार मेहनत के बाद देर रात आग पर काबू पाया जा सका।

अधिकारियों ने बताया कि आग पूरी तरह बुझाने के बाद भी लंबे समय तक कूलिंग ऑपरेशन चलाना पड़ा, ताकि कहीं अंदर सुलग रही आग फिर से भड़क न उठे।

संकरी सड़क बनी बड़ी बाधा

दमकल विभाग के सामने सबसे बड़ी मुश्किल पुराना सीलमपुर की संकरी सड़कें और अतिक्रमण बना। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे हुए अवैध कब्जों के कारण दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में काफी समय लग गया।

बताया जा रहा है कि पहली दमकल गाड़ी को जीटी रोड से घटना स्थल तक पहुंचने में करीब 25 मिनट लग गए। इस देरी के कारण आग को फैलने का ज्यादा समय मिल गया और नुकसान बढ़ता चला गया।

मौके पर पहुंचने के बाद भी दमकल की कई गाड़ियों को एक साथ खड़ा करने की जगह नहीं मिल रही थी। मजबूरी में एक गाड़ी का पानी खत्म होने पर उसे पीछे हटाकर दूसरी गाड़ी को आगे लाना पड़ रहा था। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर सड़क से अतिक्रमण हटाया, तब जाकर राहत कार्य कुछ तेज हो सका।

पुलिस ने शुरू की जांच

कृष्णा नगर थाना पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह स्कूटी की बैटरी में हुई तकनीकी खराबी या ओवरचार्जिंग मानी जा रही है, हालांकि फॉरेंसिक जांच के बाद ही असली कारण साफ हो पाएगा।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या दुकान में चार्जिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस घटना के बाद इलाके में अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजारों में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के इलेक्ट्रिक स्कूटी और अन्य उपकरण चार्ज किए जाते हैं, जो भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बंद जगहों में ई-स्कूटर चार्ज करते समय उचित वेंटिलेशन, मानक चार्जर और निगरानी बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।

फिलहाल दमकल विभाग ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है और इलाके की स्थिति सामान्य हो रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने और घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं।

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