
चंडीगढ़ और दिल्ली में बम धमकियों का सिलसिला, सचिवालय और स्कूलों में हाई अलर्ट
चंडीगढ़ और दिल्ली में हाल ही में बम धमकियों ने प्रशासन और आम लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पंजाब-हरियाणा सचिवालय और राजधानी के कुछ बड़े स्कूलों को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकन्ना हो गई हैं। पुलिस, बम निरोधक दस्ते और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चला।

सचिवालय पर सीधा निशाना
चंडीगढ़ के पंजाब-हरियाणा सचिवालय को धमकी मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। पूरे सचिवालय परिसर को खाली करवा कर सुरक्षा बढ़ा दी गई। बम स्क्वायड ने हर कोने की जाँच की, जबकि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और अन्य सुरक्षा बल परिसर में तैनात किए गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद现场 पर मौजूद थे और पूरे परिसर की निगरानी कर रहे थे।
धमकी ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले ही चंडीगढ़ के कई स्कूलों को भी बम धमकी मिली थी। इस वजह से सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सतर्क थीं और सचिवालय को गंभीरता से लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चला, लेकिन तलाशी अभियान जारी है।
दिल्ली के स्कूलों में भी चिंता
धमकियों का असर सिर्फ चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली के चार बड़े स्कूलों—लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल (दिल्ली कैंट), डॉन बॉस्को स्कूल (सीआर पार्क), आनंद निकेतन का कार्मेल स्कूल (साउथ कैंपस) और द्वारका स्थित कार्मेल स्कूल—को भी धमकी भरे ई-मेल मिले।
इन ई-मेल्स में बम विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। धमकी के तुरंत बाद स्कूलों में छात्र और स्टाफ सुरक्षित बाहर निकाले गए और बम स्क्वायड ने परिसरों की जांच शुरू की। दमकल विभाग ने बताया कि द्वारका कार्मेल स्कूल को मिली धमकी झूठी (Hoax) पाई गई, जबकि अन्य स्कूलों में तलाशी अभियान जारी है।
पिछले धमकियों की गूंज
पिछले बुधवार को लगभग 30 स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम धमकी मिली थी। ई-मेल में दोपहर 1:11 बजे विस्फोट की बात कही गई थी। हालांकि, बाद में सभी धमकियां झूठी साबित हुईं। साइबर सेल अब यह पता लगाने में जुटा है कि सचिवालय को मिली धमकी का कोई संबंध इन ई-मेल धमकियों से तो नहीं है।
सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता
लगातार बढ़ रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को और बढ़ा दिया है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
साइबर और खुफिया एजेंसियां धमकियों के स्रोत की जांच कर रही हैं। फिलहाल चंडीगढ़ और दिल्ली दोनों ही जगह हाई अलर्ट जारी है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या इन धमकियों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क है या नहीं।
निष्कर्ष
चंडीगढ़ से दिल्ली तक बम धमकियों का सिलसिला प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। सचिवालय और स्कूलों को मिली धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी बढ़ा दी है। हालांकि अभी तक कोई वास्तविक खतरा सामने नहीं आया है, लेकिन सतर्कता जारी है। आम लोगों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तलाशी अभियान और निगरानी जारी रहेगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


