
गाजियाबाद में रफ्तार का कहर: सिलेंडर से भरे ट्रक ने कुचली बाइक, माता-पिता और 10 साल के बेटे की मौत, छह वर्षीय बच्चा जिंदगी से जूझ रहा
गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। सिलेंडर से लदे एक भारी ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार का सबसे छोटा सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रहे भारी वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह दर्दनाक दुर्घटना रविवार शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। दिल्ली के बुराड़ी इलाके की उत्तराखंड कॉलोनी में रहने वाला ललित अपने परिवार के साथ बाइक से मुरादनगर स्थित ससुराल जा रहा था। बाइक पर ललित (37), उनकी पत्नी पिंकी (34), बड़ा बेटा आरव (10) और छोटा बेटा नीरव (6) सवार थे। जैसे ही उनका वाहन टीला मोड़ क्षेत्र में पहुंचा, पीछे से आ रहे सिलेंडर से भरे ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार परिवार सड़क पर गिर पड़ा और ट्रक के पहियों के नीचे आ गया। कुछ ही पलों में सब कुछ खत्म हो गया। हादसे में ललित, उनकी पत्नी पिंकी और 10 वर्षीय बेटे आरव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं छह साल का नीरव गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सड़क पर खून बिखरा हुआ था और क्षतिग्रस्त बाइक दूर जा गिरी थी। आसपास के लोग जब वहां पहुंचे तो मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया। कुछ ही देर में वहां भारी भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित लोगों ने ट्रक चालक की लापरवाही को हादसे का कारण बताते हुए सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
स्थानीय लोगों का कहना था कि टीला मोड़ क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है और तेज रफ्तार ट्रक आए दिन हादसों को अंजाम दे रहे हैं। बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने शवों को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सूचना मिलने पर टीला मोड़ थाना पुलिस के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और लोगों को समझाया कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। काफी देर की मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया और यातायात बहाल कराया। इस दौरान पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया और वाहन को कब्जे में कर लिया।
एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह ट्रक चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आई है। चालक से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि घायल बच्चे का इलाज अस्पताल में जारी है।
मृतक ललित के बारे में बताया गया कि वे जींस और पैंट की पैकिंग व प्रेस का काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। वे परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। रविवार को वे पत्नी और बच्चों के साथ खुशी-खुशी ससुराल जा रहे थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। ससुराल और मायके दोनों जगह मातम का माहौल है। रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोगों का कहना है कि एक ही झटके में पूरा परिवार उजड़ गया। माता-पिता और बड़े बेटे की मौत के बाद अब छह साल का नीरव जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
इस हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि इलाके में भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण लगाया जाए, स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके। लोगों का कहना है कि जब तक लापरवाह ड्राइविंग पर सख्ती नहीं होगी, तब तक मासूम लोगों की जान जाती रहेगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घायल बच्चे के इलाज पर नजर रखी जा रही है। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है। एक पल की रफ्तार ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए खामोश कर दिया।



