
कैब ड्राइवर की हत्या का खुलासा, दो नाबालिग समेत छह आरोपी गिरफ्त में
सेक्टर-9ए इलाके में कैब चालक की गला घोंटकर हत्या करने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस जघन्य वारदात में शामिल दो नाबालिगों समेत कुल छह आरोपियों को पुलिस ने काबू कर लिया है। हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और कैब लूटने के इरादे से चालक को निशाना बनाया गया।

मामला गुरुग्राम के सेक्टर-9ए थाना क्षेत्र का है। पुलिस को शुरुआती सूचना एक युवक के अपहरण से जुड़ी मिली थी। सूचना मिलते ही सेक्टर-9ए थाना पुलिस सक्रिय हुई और बसई चौक पहुंची, जहां दिल्ली पुलिस की टीम भी मौजूद थी। मौके पर यूपी के औरैया निवासी शानू नाम का युवक मिला, जिससे पूछताछ शुरू की गई। इसी दौरान एक शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसका साला सूरज (25), जो मध्य प्रदेश के मुरैना का रहने वाला था, गुरुग्राम में टैक्सी चलाने का काम करता था।
शिकायत के अनुसार, 27 जनवरी की दोपहर सूरज टैक्सी लेकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने जब उससे संपर्क करने की कोशिश की तो उसका फोन बंद मिला। इसके बाद टैक्सी की लोकेशन ट्रेस की गई, जो दिल्ली के होली चौक क्षेत्र में दिखाई दी। इससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने जब मामले की गहन जांच शुरू की तो अपहरण की आशंका मजबूत होती गई। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस को यह संकेत मिले कि सूरज के साथ कोई गंभीर वारदात हुई है। इसके बाद सेक्टर-9ए थाना पुलिस ने अपहरण और हत्या से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस की मदद से पुलिस ने शानू नामक आरोपी को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर शानू ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अन्य आरोपियों के नाम भी उजागर किए। शानू की निशानदेही पर पुलिस ने फर्रुखनगर इलाके में सरसों के खेतों से सूरज का शव बरामद किया। शव की हालत देखकर यह स्पष्ट हो गया कि उसकी हत्या बेरहमी से की गई थी।
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कर्ण, चंदन और कार्तिक को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा, मामले में शामिल दो नाबालिगों को भी काबू किया गया। इस तरह पुलिस ने कुल छह आरोपियों को हिरासत में लेकर हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई, वह बेहद चौंकाने वाली है। आरोपियों ने बताया कि इस पूरी वारदात की योजना पहले से बनाई गई थी। मुख्य आरोपी कार्तिक ने शानू, कर्ण, चंदन और दो नाबालिगों के साथ मिलकर ऑनलाइन कैब बुक की। उन्होंने फोन के जरिए सूरज की टैक्सी बुक कर उसे बसई चौक पर बुलाया।
कैब में बैठने के बाद कुछ दूरी तय करने के बाद आरोपियों ने पेशाब का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाई। जैसे ही सूरज ने गाड़ी रोकी, पीछे बैठे आरोपियों ने उसे अचानक दबोच लिया। इसी दौरान एक आरोपी ने अपने मफलर से सूरज का गला घोंट दिया। कुछ ही मिनटों में सूरज की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी घबरा गए, लेकिन पहले से बनाई गई योजना के अनुसार उन्होंने शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया। सभी आरोपी सूरज के शव को लेकर फर्रुखनगर क्षेत्र पहुंचे और वहां सरसों के खेतों में शव फेंक दिया। इसके बाद वे उसकी टैक्सी लेकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों का मकसद कैब लूटना था। वे टैक्सी को बेचकर पैसे कमाना चाहते थे और इसी लालच में उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले भी इस तरह की कोई वारदात की है या नहीं।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। नाबालिग आरोपियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए बाल सुधार गृह भेजा गया है, जबकि अन्य आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि कोई भी तथ्य छूट न जाए।
इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े इस तरह की साजिश और हत्या से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों का दावा है कि त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के जरिए उन्होंने इस जघन्य अपराध का खुलासा कर दिया है।
पुलिस का कहना है कि टैक्सी चालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है और संदिग्ध सवारियों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि लालच और अपराध की सोच किस तरह एक इंसान को हैवान बना सकती है।



