
केक बना काल—युवक की मौत, मासूम अस्पताल में
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां गांव की एक दुकान से खरीदा गया सस्ता केक एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। केक खाने के कुछ ही देर बाद 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि तीन साल का मासूम बच्चा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है, वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह मामला बस्ती जिले के गौर थाना क्षेत्र के महुआडाबर गांव का है। जानकारी के अनुसार, गांव के रहने वाले 18 वर्षीय अमन सिंह शनिवार शाम गांव की ही एक किराना दुकान पर गए थे। वहां से उन्होंने पांच-पांच रुपये वाले दो पैकेट केक खरीदे। बताया जा रहा है कि अमन ने एक केक खुद खाया और दूसरा पड़ोस में रहने वाले तीन साल के मासूम ओंकार को खिला दिया।
केक खाने के कुछ ही मिनट बाद दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पहले तेज पेट दर्द हुआ, फिर उल्टी और बेचैनी शुरू हो गई। बच्चों और युवक की हालत तेजी से खराब होती देख परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। घरवालों ने बिना देर किए दोनों को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां इलाज के दौरान अमन सिंह की मौत हो गई। वहीं मासूम ओंकार की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
अमन सिंह की अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि अमन अपने परिवार का इकलौता बेटा था, जिससे यह हादसा पूरे परिवार के लिए असहनीय बन गया है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और लगातार पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही गौर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक अमन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर केक में ऐसा क्या था जिससे युवक की जान चली गई और बच्चा गंभीर रूप से बीमार हो गया।
प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि केक एक्सपायर्ड या खराब गुणवत्ता का हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फूड सैंपल की जांच के बाद ही हो पाएगी। पुलिस और खाद्य विभाग की टीम अब उस दुकान की भी जांच कर सकती है, जहां से केक खरीदा गया था। अगर लापरवाही या मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने की बात सामने आती है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
इस घटना के बाद महुआडाबर गांव में डर और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों और कस्बों में बिक रहे सस्ते और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की नियमित जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि अक्सर छोटे दुकानदार एक्सपायर्ड या घटिया क्वालिटी के खाद्य पदार्थ बेच देते हैं, जिससे ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।
ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई है कि खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर दुकानों पर छापेमारी करे और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते निगरानी होती, तो शायद एक परिवार का चिराग बुझने से बच सकता था।
वहीं इस पूरे मामले पर डीएसपी स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया केक खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। दूसरी ओर जिला अस्पताल में भर्ती मासूम ओंकार का इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है।
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को भी पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट, पैकिंग की स्थिति और ब्रांड की विश्वसनीयता जरूर जांचनी चाहिए। साथ ही प्रशासन को भी ग्रामीण इलाकों में खाद्य पदार्थों की बिक्री पर सख्त निगरानी रखनी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पूरा गांव मासूम के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है और अमन सिंह की मौत से हर कोई सदमे में है। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस रहस्यमय और दर्दनाक मामले की असली वजह सामने लाएगी।



