
कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में आग का तांडव, चार फैक्ट्रियां चपेट में, घंटों से जारी राहत कार्य
सोनीपत के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार देर रात लगी भीषण आग ने हड़कंप मचा दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही समय में चार फैक्ट्रियां इसकी चपेट में आ गईं। दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटी रहीं, लेकिन आग पर पूरी तरह काबू पाने में घंटों लग गए।

जानकारी के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे कुंडली फायर सब-स्टेशन को सूचना मिली कि निफ्टेम के पास स्थित कुछ औद्योगिक इकाइयों में आग लग गई है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। जब तक दमकलकर्मी वहां पहुंचे, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था।
मौके पर पहुंचकर दमकल कर्मियों ने देखा कि चार फैक्ट्रियां पूरी तरह आग की चपेट में हैं। आग बुझाने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि स्थानीय संसाधन पर्याप्त नहीं पड़े। इसके बाद आसपास के क्षेत्रों से भी दमकल गाड़ियों को बुलाया गया।
देखते ही देखते 14 फायर टेंडर मौके पर पहुंच गए और सभी टीमें मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गईं। दमकल कर्मियों ने आग को अन्य फैक्ट्रियों तक फैलने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए।
बताया जा रहा है कि जिन फैक्ट्रियों में आग लगी, उनमें मुख्य रूप से पंखे, कूलर और अन्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाए जाते थे। इन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया।
इनमें से तीन फैक्ट्रियां एक ही मालिक की हैं, जो सी-56, सी-57 और सी-62 नंबर पर स्थित हैं, जबकि चौथी फैक्टरी किसी अन्य व्यक्ति की बताई जा रही है। आग के कारण इन सभी इकाइयों में भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और दूर से आग की भयावह लपटों को देखते रहे। आसमान में उठता धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था।
प्रशासन और पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और हालात पर नजर बनाए रखी। सुरक्षा के लिहाज से आसपास के इलाकों को खाली कराया गया और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई।
फिलहाल, इस आग के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है। हालांकि, आर्थिक रूप से यह घटना काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है, क्योंकि चारों फैक्ट्रियों में मौजूद मशीनरी और तैयार माल जलकर खाक हो गया है।
यह हादसा एक बार फिर यह दर्शाता है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। समय पर मिली सूचना और दमकल विभाग की तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन फिर भी यह घटना सतर्क रहने की चेतावनी देती है।

