
कानपुर हत्याकांड: निर्मला सिंह की हत्या में साजिश की बू, करीबी लोगों की भूमिका पर गहराया शक
कानपुर के केशवपुरम इलाके में हुई निर्मला सिंह की हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला अब केवल एक लूटपाट की घटना नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस केस के कई चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। खासकर घर के करीबी लोगों और दिनचर्या से वाकिफ व्यक्तियों की भूमिका पर संदेह गहराता जा रहा है।

घटना गुरुवार दोपहर की है, जब सेवानिवृत्त प्रवक्ता हरेंद्र सिंह अपनी पत्नी निर्मला सिंह के साथ घर पर थे। बताया गया कि दोपहर करीब 1 बजे के आसपास निर्मला सिंह ने चक्कर आने की शिकायत की, जिसके बाद हरेंद्र सिंह दवा लेने के लिए घर से बाहर चले गए। उन्होंने घर का गेट बाहर से बंद कर दिया और पास के बाजार की ओर निकल गए।
लेकिन उनके जाने के कुछ ही मिनटों बाद एक संदिग्ध युवक घर में दाखिल हो गया। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, युवक ने अपने चेहरे को गमछे से ढक रखा था ताकि उसकी पहचान न हो सके। वह सामने बने पार्क की ओर से घर में घुसा और करीब आधे घंटे के भीतर ही वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया।
करीब 34 मिनट बाद जब हरेंद्र सिंह घर लौटे तो उन्होंने देखा कि घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ है। जब वे अंदर बेडरूम में पहुंचे तो उनकी पत्नी निर्मला सिंह जमीन पर पड़ी थीं और उनकी मौत हो चुकी थी। उनके गले पर तार से कसने के निशान पाए गए, जिससे यह साफ हो गया कि उनकी हत्या गला घोंटकर की गई है।
इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई। घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिससे कई अहम सुराग मिले हैं।
जांच में सामने आया कि हमलावर अकेला नहीं था। पुलिस को शक है कि इस वारदात में दो से ज्यादा लोग शामिल थे। सीसीटीवी फुटेज में यह भी देखा गया कि आरोपी और हरेंद्र सिंह एक ही इलाके में कुछ मिनटों के अंतर से दिखाई दिए। इससे यह संदेह गहराया है कि आरोपी को घर के अंदर की गतिविधियों की जानकारी बाहर से मिल रही थी।
सबसे बड़ा सवाल हरेंद्र सिंह के बयान पर भी उठ रहा है। उन्होंने पुलिस को बताया था कि वे दवा लेने गए थे, लेकिन एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में वे पास की शराब की दुकान पर जाते हुए नजर आए हैं। वहां उन्होंने ऑनलाइन पेमेंट भी किया। इस विरोधाभास के बाद पुलिस अब उनके बयान की भी बारीकी से जांच कर रही है और उनसे दोबारा पूछताछ की तैयारी कर रही है।
वहीं, इस पूरे मामले में घर की नौकरानी पर भी शक गहराता जा रहा है। घटना वाले दिन वह काम पर नहीं आई और उसका मोबाइल फोन भी बंद था। यह बात पुलिस को काफी संदिग्ध लग रही है। नौकरानी को घर के हर कोने और परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। उसे यह भी पता था कि परिवार जल्द ही बिहार जाने वाला है और घर में गहने रखे हुए हैं।
पुलिस ने नौकरानी और उसके बेटे को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा दो अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा गया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या नौकरानी या उसके परिचितों ने इस वारदात की योजना बनाई थी या फिर किसी और के इशारे पर यह सब किया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि नौकरानी के पारिवारिक संबंध काफी विस्तृत हैं। उसके पहले पति से तीन बेटे हैं, जो चौबेपुर इलाके में रहते हैं, जबकि दूसरे पति से एक बेटा है, जो कई बार इस घर में आ चुका है। पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस साजिश के पीछे कौन है।
घटना के पीछे लूट का मकसद भी साफ नजर आ रहा है। आरोपियों ने घर की अलमारियों के लॉकर तोड़कर लाखों रुपये के गहने और नकदी चुरा ली। बताया जा रहा है कि ये गहने हरेंद्र सिंह ने अपनी भतीजी की शादी के लिए बनवाए थे, जो अगले महीने बिहार में होने वाली थी।
परिवार के अन्य सदस्य इस घटना से सदमे में हैं। मृतका की दोनों बेटियां और बेटा अलग-अलग शहरों में रहते हैं और घटना की जानकारी मिलने के बाद सभी घर के लिए रवाना हो गए हैं।
पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए तीन टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं। आसपास के 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। एक फुटेज में आरोपी को ऑटो में बैठते हुए देखा गया है, जो नमक फैक्ट्री चौराहे की दिशा में गया। पुलिस अब उस रूट के कैमरों की भी जांच कर रही है।
फिलहाल इस मामले में कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। क्या यह वारदात पूरी तरह से लूट के इरादे से की गई थी या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत रंजिश भी थी? क्या घर के किसी करीबी ने ही इस साजिश को अंजाम दिलवाया? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
हालांकि, जिस तरह से अब तक के सुराग मिले हैं, उससे यह साफ है कि यह कोई साधारण घटना नहीं थी। पूरी योजना के तहत समय, मौके और घर की जानकारी का इस्तेमाल कर इस अपराध को अंजाम दिया गया। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर लिया जाएगा और दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।



