हरियाणा

करनाल: नाबालिग लड़के से शादी, लड़की और पंडित पर FIR

हरियाणा के करनाल जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और समाज दोनों को चौकन्ना कर दिया है। निर्मल विहार इलाके में एक प्रेमी जोड़े ने मंदिर में जाकर शादी की थी, लेकिन जब इस घटना की कानूनी जांच हुई, तो कई अनपेक्षित पहलू सामने आए। मामले की जांच में यह खुलासा हुआ कि लड़का नाबालिग था, जबकि लड़की 22 साल की थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने संबंधित पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जिसमें लड़की, शादी कराने वाले पंडित और दो गवाह शामिल हैं।

घटना 13 जनवरी की बताई जा रही है, जब लड़का और लड़की सीतामाई चौकी पहुंचे और वहां पुलिस को बताया कि उन्होंने मंदिर में शादी कर ली है। पुलिस ने दोनों के दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि लड़के की उम्र 21 साल से कम थी। वहीं लड़की की उम्र 22 साल से अधिक थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को संरक्षण और बाल विवाह निषेध अधिकारी के सामने पेश किया।

लड़की ने अपने बयान में साफ कहा कि उसने अपनी मर्जी से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की थी। उन्होंने बताया कि शादी पंडित कमलकांत ने कराई थी और इस विवाह के लिए विवाह प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। शादी के प्रमाण पत्र में लड़की की उम्र सही दर्ज थी, लेकिन लड़के के बर्थ सर्टिफिकेट के अनुसार उसकी उम्र शादी के समय लगभग 20 साल और 2 महीने थी। इस कारण लड़के को नाबालिग माना गया।

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला सवाल यह कि जब लड़के और लड़की ने शादी की थी, तब पंडित और गवाहों ने उम्र की सही जाँच क्यों नहीं की। दूसरा, यह मामला कानूनी दृष्टि से क्यों गंभीर माना गया और इसमें किस प्रकार की कार्रवाई हो सकती है।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने रिपोर्ट SP करनाल को भेजी है। इसके आधार पर लड़की, पंडित और दो गवाहों के खिलाफ बाल विवाह का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई जारी है और जल्द ही गिरफ्तारी भी हो सकती है। संरक्षण और बाल विवाह निषेध अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है और यह शादी कानूनी रूप से मान्य नहीं है।

करनाल जिले में यह मामला सामाजिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाल विवाह निषेध कानून के तहत नाबालिग लड़कों और लड़कियों की शादी गैरकानूनी है। भले ही लड़के की उम्र लड़कियों की तुलना में थोड़ी अधिक हो, लेकिन कानून की दृष्टि से 21 साल से कम उम्र का लड़का भी नाबालिग माना जाता है। ऐसे मामलों में न केवल शादी अमान्य होती है, बल्कि संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।

इस घटना ने यह भी उजागर किया कि समाज में अभी भी बाल विवाह की घटनाओं पर रोक लगाना कितना जरूरी है। अक्सर युवा प्रेमी जोड़े अपनी मर्जी से शादी करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कानून को नजरअंदाज करना भविष्य में उनके लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। करनाल पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बाल विवाह निषेध अधिकारी को शामिल किया और उचित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में लड़के और लड़की दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता थी। हालांकि लड़की की उम्र कानूनी मानकों के अनुसार पर्याप्त थी, लेकिन लड़के की नाबालिग स्थिति ने इसे गंभीर बना दिया। इस कारण दोनों को तुरंत बाल संरक्षण और बाल विवाह निषेध अधिकारी के पास पेश किया गया।

शादी कराने वाले पंडित और दो गवाहों पर भी केस दर्ज किया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि उन्होंने नाबालिग लड़के के साथ शादी कराने में मदद की। कानून के अनुसार किसी नाबालिग की शादी कराने वाले व्यक्ति को भी जवाबदेह माना जाता है। वहीं, लड़की के खिलाफ केस दर्ज किया गया है क्योंकि उसने नाबालिग के साथ शादी की, भले ही उसने इसे अपनी मर्जी से किया हो।

करनाल पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे इस तरह की घटनाओं की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसके अलावा, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है ताकि युवा लड़के और लड़कियां कानून के प्रति सजग रहें और ऐसी परिस्थितियों में फंसने से बचें।

विशेष रूप से यह घटना यह दर्शाती है कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों में भी कानूनी नियमों का पालन अनिवार्य है। शादी का धार्मिक महत्व चाहे कितना भी हो, कानूनी मानकों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

अंततः यह मामला यह साबित करता है कि बाल विवाह निषेध कानून न केवल लड़कियों की सुरक्षा के लिए है, बल्कि लड़कों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करता है। करनाल पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि नाबालिग के साथ विवाह किसी भी स्थिति में कानूनी तौर पर स्वीकार्य नहीं है।

इस घटना के प्रकाश में, विशेषज्ञों का कहना है कि समाज में बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए जागरूकता अभियान और सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। युवा जोड़े को चाहिए कि वे कानूनी उम्र और नियमों के अनुसार विवाह करें और अपने फैसलों में जल्दबाजी न करें।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button