उत्तर प्रदेश

उधार का विवाद बना हिंसा की वजह: परचून की दुकान में खौलता तेल उड़ेला, बेटी झुलसी, बुजुर्ग दुकानदार गंभीर घायल

आगरा में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां मामूली उधार के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक ठेला लगाने वाले युवक ने परचून की दुकान में खौलता हुआ तेल फेंक दिया, जिससे दुकानदार की बेटी बुरी तरह झुलस गई। इतना ही नहीं, जब पिता ने बेटी को बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उनका पैर टूट गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है।

यह घटना आगरा के भगवान टॉकीज चौराहे की सर्विस रोड की है, जहां रोजाना शाम होते ही नॉनवेज ठेलों की कतार लग जाती है। यहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं और कई लोग खुलेआम शराब पीते नजर आते हैं। इसी भीड़भाड़ वाले इलाके में नगला पदी निवासी राहत बेगम की छोटी सी परचून की दुकान है, जो उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है।

सामान मांगने से शुरू हुआ बवाल

शुक्रवार रात नॉनवेज की ठेल लगाने वाला युवक कालू परचून की दुकान पर पहुंचा और रोजमर्रा का कुछ सामान मांगा। दुकानदार परिवार का आरोप है कि कालू पहले भी कई बार उधार में सामान ले चुका था और उसने अब तक पैसे नहीं चुकाए थे। इस बार जब बिना भुगतान के सामान देने से मना किया गया, तो वह भड़क उठा।

आरोप है कि कालू ने दुकान पर गाली-गलौज शुरू कर दी और गुस्से में आकर दुकान में रखा सामान बाहर सड़क पर फेंकने लगा। अचानक हुए इस हंगामे से आसपास के दुकानदार और राहगीर भी रुक गए। कुछ देर में कालू की मां भी मौके पर पहुंची और दुकानदार को हुए नुकसान की भरपाई करने की बात कहकर स्थिति को संभालने की कोशिश की।

गुस्से में उठाया खतरनाक कदम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मामला शांत होता दिख रहा था, लेकिन थोड़ी देर बाद कालू फिर उग्र हो गया। आरोप है कि वह अपनी ठेल से खौलते तेल से भरी कढ़ाही उठाकर सीधे परचून की दुकान में ले आया। किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला और उसने खौलता तेल दुकान के अंदर उछाल दिया।

तेल गिरते ही दुकान में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद राहत बेगम की बेटी के पैर पर तेल गिरा, जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। बच्ची दर्द से चीखने लगी और दुकान के अंदर धुआं फैल गया। यह दृश्य देख आसपास मौजूद लोग भी सहम गए।

बेटी को बचाने आए पिता पर हमला

बेटी की चीख-पुकार सुनकर पिता सत्तार उसे बचाने के लिए आगे बढ़े। आरोप है कि इसी दौरान कालू और उसके साथ मौजूद लोगों ने सत्तार पर हमला कर दिया। धक्का-मुक्की और मारपीट में सत्तार का पैर बुरी तरह मुड़ गया और उनकी हड्डी टूट गई। गंभीर रूप से घायल सत्तार जमीन पर गिर पड़े।

स्थानीय लोगों ने किसी तरह स्थिति को संभाला और घायल पिता-बेटी को तुरंत एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची के पैर में गंभीर जलन आई है, जबकि सत्तार के पैर में फ्रैक्चर है। दोनों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

इलाके में भय और नाराज़गी

इस वारदात के बाद भगवान टॉकीज चौराहे और आसपास के इलाकों में डर और आक्रोश फैल गया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नॉनवेज ठेलों और शराब पीने वालों की वजह से यह इलाका लंबे समय से अव्यवस्था का शिकार है। आए दिन झगड़े, गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्विस रोड पर अवैध ठेलों पर कार्रवाई की जाए और खुले में शराब पीने पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए गए होते, तो शायद इतनी गंभीर घटना न होती।

पुलिस जांच और कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही न्यू आगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थाना प्रभारी के अनुसार, मुख्य आरोपी कालू के अलावा मोना, बल्ली, उसकी मां, तीन बहनों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने कालू को हिरासत में लेकर शांतिभंग की धाराओं में चालान किया है।

हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि यह केवल शांति भंग का मामला नहीं, बल्कि जानलेवा हमला है। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा चलाया जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हिंसा करने से पहले सौ बार सोचे।

कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

मामूली उधार के विवाद में खौलते तेल जैसे खतरनाक हथियार का इस्तेमाल करना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और हिंसा को दर्शाता है। यह घटना न सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए दर्दनाक है, बल्कि पूरे शहर की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और घायलों का इलाज जारी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाकर इलाके में कानून का डर कायम करेगा। आगरा की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए अब ठोस और प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button