
उत्तर प्रदेश के बहराइच में दिल दहला देने वाली वारदात: संपत्ति विवाद में बेटे ने परिवार पर बरसाई कुल्हाड़ी, चार की मौत
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में रविवार देर रात हुई एक जघन्य घटना ने पूरे इलाके को दहशत और शोक में डुबो दिया। रुपईडीहा थाना क्षेत्र के रामनगर गांव में पारिवारिक संपत्ति को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि छोटे बेटे ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी से अपने ही परिवार पर हमला कर दिया, जिसमें माता-पिता, दादी और बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना रात करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। परिवार के भीतर संपत्ति बंटवारे को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी युवक अचानक घर के भीतर रखी कुल्हाड़ी उठा लाया और एक-एक कर परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। सोते हुए लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हमले में सबसे पहले बुजुर्ग दादी को निशाना बनाया गया, इसके बाद उसने माता-पिता और बहन पर भी ताबड़तोड़ वार कर दिए।
घर से उठी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बड़े भाई ने हमलावर को रोकने की कोशिश की तो उस पर भी हमला किया गया। संघर्ष के दौरान आरोपी भी घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवा की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल दो लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया। इनमें से एक की हालत अत्यंत नाजुक होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। तड़के ही जिले के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्राधिकारी और फोरेंसिक टीम गांव पहुंच गई। पुलिस ने घर के भीतर खून से सनी दीवारें, बिखरा सामान और संघर्ष के निशान देखे। वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी घर के बाहर से बरामद कर ली गई है। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने साक्ष्य इकट्ठा कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार में पिछले कई महीनों से जमीन और संपत्ति के बंटवारे को लेकर तनाव चल रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि घर में अक्सर झगड़े होते थे और मामला कई बार पंचायत तक पहुंच चुका था। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
इस भीषण घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी भयावह पारिवारिक हिंसा पहले कभी नहीं देखी। हर घर में सन्नाटा है और लोग डरे-सहमे नजर आ रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात कर दिए हैं, ताकि किसी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति न बने। पुलिस लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें न फैलाने की चेतावनी भी दी गई है।
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि संपत्ति विवाद कई बार परिवारों को अंदर से तोड़ देता है और यदि समय रहते संवाद और समाधान न हो तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं। यह घटना भी उसी का एक दुखद उदाहरण बनकर सामने आई है, जहां रिश्तों की डोर लालच और क्रोध के सामने कमजोर पड़ गई।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसके बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि दोषी को कानून के मुताबिक सख्त सजा दिलाई जाएगी।
रामनगर गांव आज भी उस भयावह रात की दहशत से उबर नहीं पाया है। चार अर्थियां एक साथ उठने का दृश्य लोगों की आंखों में अब भी ताजा है। यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है कि पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाना कितना जरूरी है।



