दिल्ली

उत्तम नगर में युवक की हत्या से भड़का आक्रोश, पुलिस कार्रवाई में देरी के आरोपों के बीच लोगों का प्रदर्शन

दिल्ली के पश्चिमी इलाके उत्तम नगर में एक युवक की हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। होली के दिन हुई एक मामूली घटना से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि 26 वर्षीय तरुण की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। देर रात तक प्रदर्शन जारी रहा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पड़े।

छोटी घटना से शुरू हुआ बड़ा विवाद

मामले की शुरुआत होली के दिन एक छोटी सी घटना से हुई। बताया जा रहा है कि एक सात वर्षीय बच्ची अपने घर की बालकनी में पानी से भरा गुब्बारा लेकर खड़ी थी। खेलते समय अचानक गुब्बारा उसके हाथ से छूट गया और नीचे सड़क पर जा गिरा। दुर्भाग्य से वह गुब्बारा वहां से गुजर रही एक महिला पर गिर गया।

इस घटना के बाद महिला नाराज हो गई और उसने बच्ची के परिवार से इस पर आपत्ति जताई। शुरुआत में यह सिर्फ कहासुनी तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ने लगी और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

परिवार ने बताया—यह सिर्फ एक गलती थी

मृतक तरुण के परिवार का कहना है कि बच्ची ने जानबूझकर गुब्बारा नहीं फेंका था, बल्कि वह उसके हाथ से गलती से गिर गया था। परिवार के लोगों ने तुरंत महिला से माफी भी मांग ली थी और समझाने की कोशिश की थी कि यह एक मासूम गलती है।

मृतक के चाचा टेकचंद ने बताया कि बच्ची और उसके परिवार ने कई बार माफी मांगी, लेकिन इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ। उनका आरोप है कि कुछ समय बाद दूसरे पक्ष के कई लोग इकट्ठा होकर उनके घर के पास पहुंचे और वहां हंगामा शुरू कर दिया।

घर पर हमला और हिंसक झड़प

परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने उनके घर पर हमला कर दिया। इस दौरान घर के सामान को नुकसान पहुंचाया गया और परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई। परिवार का कहना है कि महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया।

इसी दौरान हुई झड़प में 26 वर्षीय तरुण गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। इस हमले में तरुण के दादा मान सिंह भी घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है।

तरुण की मौत की खबर फैलते ही इलाके में गुस्से का माहौल बन गया और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।

पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप

घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद दो दिन तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती। इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में लोग उत्तम नगर थाने के बाहर इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

थाने का घेराव और धरना

गुस्साए लोगों ने उत्तम नगर थाने का घेराव कर लिया और सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। प्रदर्शनकारी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

प्रदर्शन देर रात तक चलता रहा और लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की गई।

प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों का गुस्सा हिंसा में बदल गया। आरोपियों के घर के बाहर खड़ी एक कार में आग लगा दी गई। इसके अलावा कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।

जानकारी के अनुसार, इससे एक रात पहले भी प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के घर के बाहर खड़ी तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी। लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना के बाद उत्तम नगर और आसपास

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on X-twitter Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Back to top button